शल्बी अस्पताल, सूरत ने एडवांस्ड किडनी ट्रांसप्लांट में नए मील के पत्थर स्थापित किए
Home » शल्बी अस्पताल, सूरत ने एडवांस्ड किडनी ट्रांसप्लांट में नए मील के पत्थर स्थापित किए

शल्बी अस्पताल, सूरत ने एडवांस्ड किडनी ट्रांसप्लांट में नए मील के पत्थर स्थापित किए

by Inkhabar webdesk
शल्बी अस्पताल, सूरत ने एडवांस्ड किडनी ट्रांसप्लांट में नए मील के पत्थर स्थापित किए

सूरत (गुजरात) [भारत],16 सितंबर: शल्बी अस्पताल ने पिछले 12 महीनों में स्वैप (swap) और ABO-इनकंपैटिबल (अलग ब्लड ग्रुप) प्रक्रियाओं में उन्नत नैदानिक सफलताओं के साथ 25 किडनी ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक पूरे किए हैं।

एडवांस्ड ट्रांसप्लांट की मुख्य विशेषताएं और विशेषज्ञ टीम का सहयोग

25 सफल ट्रांसप्लांटः एक अत्यधिक समन्वित मल्टीडिसिप्लिनरी (बहु-विषयक) टीम द्वारा पिछले वर्ष के दौरान पूरे किए गए।

अग्रणी स्वैप और ABO-इनकंपैटिबल प्रक्रियाएं: दक्षिण गुजरात का पहला प्राइवेट/कॉर्परिट स्वैप किडनी ट्रांसप्लांट, कई ABO-इनकंपैटिबल ट्रांसप्लांट और एक जटिल री-ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक संपन्न किया गया।

दक्षिण गुजरात का पहला जटिल ट्रांसप्लांटः जिसमें मरीज का यह दूसरा ट्रांसप्लांट था और यह ABO-इनकंपैटिबल (अलग ब्लड ग्रुप) था।

विशेष क्रिटिकल केर और एनेस्थीसियाः क्रिटिकल केयर स्पेशलिटी (डॉ. अरुल और उनकी टीम) तथा एनेस्थीसिया टीम (डॉ. केविन देसाई और उनकी टीम) के विशेषज्ञ सहयोग से सटीक प्री-ऑपरेटिव और क्रिटिकल केयर मैनेजमेंट सुनिश्चित किया गया।

शल्बी अस्पताल, सूरत ने एडवांस्ड किडनी ट्रांसप्लांट में नए मील के पत्थर स्थापित किए

शल्बी अस्पताल का बढ़ता ट्रांसप्लांट प्रोग्राम गुजरात में सूरत को एक उन्नत स्वास्थ्य सेवा केंद्र के रूप में उभरने में योगदान दे रहा है, विशेष रूप से जटिल किडनी प्रत्यारोपण के लिए।

मुख्य नेतृत्व के विचार

डॉ. मुकेश गोयल, कंसल्टेंट नेफ्रोलॉजिस्ट और ट्रांसप्लांट फिजीशियनः “एक ट्रांसप्लांट गंतव्य के रूप में सूरत की बदलती धारणा एक बड़ा मील का पत्थर है। शल्बी में, हमारा व्यापक कार्यक्रम हमें स्वैप और ABO-इनकंपैटिबल ट्रांसप्लांट जैसी जटिल प्रक्रियाओं को संभालने में सक्षम बनाता है, जिससे घर के करीब उच्च गुणवत्ता वाली देखभाल मिलती है।”

शल्बी अस्पताल, सूरत ने एडवांस्ड किडनी ट्रांसप्लांट में नए मील के पत्थर स्थापित किए

डॉ. भार्गव पंड्या, कंसल्टेंट यूरोलॉजिस्टः “किडनी ट्रांसप्लांट हमारे लिए सिर्फ एक सर्जरी नहीं है-यह किसी मरीज को एक नया जीवन और नई उम्मीद देने का प्रयास है। हमारा लक्ष्य केवल ट्रांसप्लांट करना नहीं है, बल्कि मरीज को डायलिसिस की निर्भरता से निकालकर एक स्वस्थ, स्वतंत्र और बेहतर जीवन की ओर ले जाना है।”

मीडिया संपर्कः शल्बी अस्पताल, सूरत

(The article has been published through a syndicated feed. Except for the headline, the content has been published verbatim. Liability lies with original publisher.)

You may also like