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India News
एक दिन—कई सपनों को उड़ान, पीएम मोदी के 76वें जन्मदिन पर बच्चों के लिए अनोखी पहल
• दिन के अंत में कैफे में विशेष पार्टी और आनंदोत्सव।

इस कार्यक्रम के तहत लगभग 76 जरूरतमंद परिवारों को प्रति परिवार 25,000 रूपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी, ताकि वे अपना छोटा व्यवसाय, रोजगार या स्वरोजगार शुरू कर सकें।

शिक्षा • सेवा • स्वाभिमान • स्वरोजगार

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जयपुर में 25,000 वर्गफीट का नया फर्नीचर डेस्टिनेशन ‘नायाब एक्सपीरियंस’ शुरू होने जा रहा है
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एक दिन—कई सपनों को उड़ान, पीएम मोदी के 76वें जन्मदिन पर बच्चों के लिए अनोखी पहल
• दिन के अंत में कैफे में विशेष पार्टी और आनंदोत्सव।

इस कार्यक्रम के तहत लगभग 76 जरूरतमंद परिवारों को प्रति परिवार 25,000 रूपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी, ताकि वे अपना छोटा व्यवसाय, रोजगार या स्वरोजगार शुरू कर सकें।

शिक्षा • सेवा • स्वाभिमान • स्वरोजगार

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जयपुर में 25,000 वर्गफीट का नया फर्नीचर डेस्टिनेशन ‘नायाब एक्सपीरियंस’ शुरू होने जा रहा है
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विनफास्ट ने पकड़ी रफ्तार, महज़ एक साल में सीकर रोड, जयपुर में तीसरा शोरूम लॉन्च
जयपुर (राजस्थान) [भारत], 16 सितंबर: राजस्थान में बढ़ते इलेक्ट्रिक वाहन आंदोलन में एक महत्वपूर्ण पड़ाव दर्ज करते हुए, विनफास्ट के अधिकृत डीलर पार्टनर वेलोसिटी फिनट्रस्ट ने आज पिंक सिटी में एक नए डीलरशिप का अनावरण किया। यह उद्घाटन राजस्थान में वेलोसिटी फिनट्रस्ट का लगातार विस्तार और जयपुर में तीसरे शोरूम की शुरुआत है, जिससे भारत भर में विनफास्ट के बढ़ते नेटवर्क में और विस्तार हुआ है।
इस भव्य सुविधा का उद्घाटन श्री सुदीप्ता घोष, डिप्टी CEO – सेल्स एवं नेटवर्क डेवलपमेंट, विनफास्ट इंडिया,
श्री विकास यादव, मैनेजिंग डायरेक्टर, वेलोसिटी फिनट्रस्ट , श्री सीताराम यादव, चेयरमैन, वीएसटी यूनाइटेड ग्रुप, और श्री विकास बोहरा, वेलोसिटी फिनट्रस्ट के वाइस प्रेसिडेंट के साथ किया।

विनफास्ट वीएफ 6, वीएफ 7, वीएफ एमपीवी 7 और लीमो ग्रीन के साथ एक विविध इलेक्ट्रिक वाहन पोर्टफोलियो तैयार कर रहा है, जो ग्राहकों को व्यक्तिगत, प्रीमियम और पारिवारिक मोबिलिटी जरूरतों के लिए अधिक विकल्प उपलब्ध कराता है।
स्वामित्व के अनुभव को और बेहतर बनाते हुए, ग्राहक 31 मार्च 2029 तक मुफ्त चार्जिंग, तीन साल की मुफ्त मेंटेनेंस, सात साल की वाहन वारंटी, दस साल की बैटरी वारंटी, 75% तक सुनिश्चित बायबैक और आईसीई से ईवी में बदलाव के लाभ जैसे फायदे उठा सकते हैं।
इसकी कीमत 18.19 लाख रुपये से शुरू होती है, जो ग्राहकों को अलग-अलग सेगमेंट में प्रीमियम इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के विकल्प उपलब्ध कराती है।
ब्रांड के फोकस को रेखांकित करते हुए, श्री सुदीप्ता घोष, डिप्टी CEO – सेल्स एवं नेटवर्क डेवलपमेंट, विनफास्ट इंडिया, ने कहा,
“हमारा मुख्य फोकस मजबूत बिक्री और सर्विस इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के साथ-साथ पूरे ईवी चार्जिंग सिस्टम को बेहतर बनाने पर है। जैसे-जैसे मांग बढ़ रही है, हम ग्राहकों को बेहतर ग्राहक सेवा, उच्च गुणवत्ता वाला इंफ्रास्ट्रक्चर और लगातार सपोर्ट देने का वादा करते हैं, ताकि ईवी को अपनाने की रफ्तार तेज हो सके।”

पिंक सिटी की यह सुविधा विनफास्ट की नेक्स्ट-जेनरेशन लाइनअप को प्रदर्शित करती है, जहाँ खरीदार व्यक्तिगत परामर्श और टेस्ट ड्राइव के साथ अत्याधुनिक कारों का अनुभव ले सकते हैं।
भविष्य की सोच
जयपुर में लोग अब पर्यावरण के अनुकूल परिवहन की ओर बढ़ रहे हैं। ऐसे में यह नई सुविधा भारतीय ईवी ग्राहकों के लिए एक आधुनिक और तकनीक से जुड़ी जगह है, जहाँ उन्हें बेहतरीन उत्पाद, शानदार आराम और खरीदारी के बाद भी पूरी निश्चिंतता मिलती है।
अधिक जानकारी के लिए देखें: https://velocityfintrust.com/
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पारुल यूनिवर्सिटी के पत्रकारिता छात्रों ने दिल्ली के प्रमुख न्यूज़रूम का किया दौरा
वडोदरा (गुजरात) [भारत], 15 सितंबर: वडोदरा स्थित पारुल यूनिवर्सिटी के पत्रकारिता एवं जनसंचार के छात्रों ने छह दिवसीय दिल्ली मीडिया लीडरशिप टूर में इंडिया टीवी, एनडीटीवी, न्यूज़18, टीवी9, रिपब्लिक, प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया, हिन्दुस्तान टाइम्स और इंडिया टुडे नेटवर्क जैसे संस्थानों का दौरा किया और वरिष्ठ पत्रकारों से संवाद किया।
छह दिन, देश के बड़े न्यूज़रूम
दौरे की शुरुआत पहले दिन इंडिया गेट पर एक व्यावहारिक अभ्यास से हुई, जहाँ छात्रों को दस मिनट की तैयारी के साथ कैमरे के सामने 60 सेकंड की लाइव रिपोर्टिंग (पीस टू कैमरा) करनी थी। इसके बाद छात्रों ने न्यूज़18, टीवी9 और रिपब्लिक के न्यूज़रूम में लाइव प्रसारण, प्रोडक्शन कंट्रोल रूम और समाचार सत्यापन की प्रक्रिया को नज़दीक से देखा।
प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया में सत्यापन का पाठ
प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया में एडिटर शुजा उल हक ने छात्रों को एजेंसी के तीन-स्रोत सत्यापन नियम की जानकारी दी और बताया कि पीटीआई देश के लगभग 90 प्रतिशत अख़बार बाज़ार को सामग्री उपलब्ध कराती है तथा प्रतिदिन एक हज़ार से अधिक टेक्स्ट स्टोरी और करीब 400 लाइव फीड तैयार करती है। हिन्दुस्तान टाइम्स में छात्रों ने अख़बार की छपाई की तकनीकी प्रक्रिया देखी, जहाँ प्रेस प्रति घंटे 90,000 प्रतियों तक छपाई करता है।

राजत शर्मा और वरिष्ठ पत्रकारों की सलाह
इंडिया टीवी के चेयरमैन राजत शर्मा ने छात्रों के साथ करीब दो घंटे बिताए और पत्रकारिता के “फ्री, फेयर एंड फियरलेस” सिद्धांत तथा विश्वसनीयता के महत्व पर बात की। एनडीटीवी की पद्मजा जोशी और इंडिया टुडे नेटवर्क के राजदीप सरदेसाई सहित कई वरिष्ठ पत्रकारों ने विशेषज्ञता विकसित करने, नियमित अख़बार पढ़ने और एंकर से पहले एक अच्छा पत्रकार बनने पर ज़ोर दिया।
लाइव प्रसारण और खबर के पीछे की टीमें
छात्रों ने समझा कि एक सहज दिखने वाले बुलेटिन के पीछे कई टीमें एक साथ काम करती हैं, जिनमें असाइनमेंट डेस्क, इनपुट-आउटपुट, ग्राफिक्स, साउंड और तकनीकी विभाग शामिल हैं। रिपब्लिक के नोएडा कैंपस में उन्होंने क्रोमा स्टूडियो और एआर-वीआर तकनीक देखी, जबकि न्यूज़18 और टीवी9 में पीसीआर तथा एमसीआर की कार्यप्रणाली समझी।
वरिष्ठ पत्रकारों ने छात्रों को यह भी समझाया कि सटीकता गति से अधिक महत्वपूर्ण है, और सोशल मीडिया पर अपुष्ट सूचनाओं के इस दौर में सत्यापित पत्रकारिता पहले से कहीं अधिक ज़रूरी हो गई है।

पारुल यूनिवर्सिटी का पत्रकारिता कार्यक्रम
छह दिनों के इस अनुभव में छात्रों ने रिपोर्टिंग, मीडिया एथिक्स, ब्रॉडकास्ट और डिजिटल पत्रकारिता की व्यावहारिक समझ हासिल की। दौरे का पूरा विवरण पारुल यूनिवर्सिटी के आधिकारिक ब्लॉग पर उपलब्ध है, और पत्रकारिता में करियर से जुड़ी जानकारी विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातक कार्यक्रम के पेज पर देखी जा सकती है।
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शल्बी अस्पताल, सूरत ने एडवांस्ड किडनी ट्रांसप्लांट में नए मील के पत्थर स्थापित किए
सूरत (गुजरात) [भारत],16 सितंबर: शल्बी अस्पताल ने पिछले 12 महीनों में स्वैप (swap) और ABO-इनकंपैटिबल (अलग ब्लड ग्रुप) प्रक्रियाओं में उन्नत नैदानिक सफलताओं के साथ 25 किडनी ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक पूरे किए हैं।
एडवांस्ड ट्रांसप्लांट की मुख्य विशेषताएं और विशेषज्ञ टीम का सहयोग
25 सफल ट्रांसप्लांटः एक अत्यधिक समन्वित मल्टीडिसिप्लिनरी (बहु-विषयक) टीम द्वारा पिछले वर्ष के दौरान पूरे किए गए।
अग्रणी स्वैप और ABO-इनकंपैटिबल प्रक्रियाएं: दक्षिण गुजरात का पहला प्राइवेट/कॉर्परिट स्वैप किडनी ट्रांसप्लांट, कई ABO-इनकंपैटिबल ट्रांसप्लांट और एक जटिल री-ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक संपन्न किया गया।
दक्षिण गुजरात का पहला जटिल ट्रांसप्लांटः जिसमें मरीज का यह दूसरा ट्रांसप्लांट था और यह ABO-इनकंपैटिबल (अलग ब्लड ग्रुप) था।
विशेष क्रिटिकल केर और एनेस्थीसियाः क्रिटिकल केयर स्पेशलिटी (डॉ. अरुल और उनकी टीम) तथा एनेस्थीसिया टीम (डॉ. केविन देसाई और उनकी टीम) के विशेषज्ञ सहयोग से सटीक प्री-ऑपरेटिव और क्रिटिकल केयर मैनेजमेंट सुनिश्चित किया गया।

शल्बी अस्पताल का बढ़ता ट्रांसप्लांट प्रोग्राम गुजरात में सूरत को एक उन्नत स्वास्थ्य सेवा केंद्र के रूप में उभरने में योगदान दे रहा है, विशेष रूप से जटिल किडनी प्रत्यारोपण के लिए।
मुख्य नेतृत्व के विचार
डॉ. मुकेश गोयल, कंसल्टेंट नेफ्रोलॉजिस्ट और ट्रांसप्लांट फिजीशियनः “एक ट्रांसप्लांट गंतव्य के रूप में सूरत की बदलती धारणा एक बड़ा मील का पत्थर है। शल्बी में, हमारा व्यापक कार्यक्रम हमें स्वैप और ABO-इनकंपैटिबल ट्रांसप्लांट जैसी जटिल प्रक्रियाओं को संभालने में सक्षम बनाता है, जिससे घर के करीब उच्च गुणवत्ता वाली देखभाल मिलती है।”

डॉ. भार्गव पंड्या, कंसल्टेंट यूरोलॉजिस्टः “किडनी ट्रांसप्लांट हमारे लिए सिर्फ एक सर्जरी नहीं है-यह किसी मरीज को एक नया जीवन और नई उम्मीद देने का प्रयास है। हमारा लक्ष्य केवल ट्रांसप्लांट करना नहीं है, बल्कि मरीज को डायलिसिस की निर्भरता से निकालकर एक स्वस्थ, स्वतंत्र और बेहतर जीवन की ओर ले जाना है।”
मीडिया संपर्कः शल्बी अस्पताल, सूरत
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जासूसी के क्षेत्र में भविष्य बनाने की राह दिखाती पुस्तक ‘हाउ टू बिकम अ डिटेक्टिव’ प्रकाशित
जासूस और इन्वेस्टिगेटर बनने के इच्छुक युवाओं को व्यावहारिक जानकारी और सही दिशा देने का प्रयास
नई दिल्ली,14 सितंबर: जासूसी और इन्वेस्टिगेशन के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए Detective Guru राहुल राय गुप्ता की पुस्तक ‘हाउ टू बिकम अ डिटेक्टिव’ प्रकाशित हो चुकी है। यह पुस्तक उन युवाओं को ध्यान में रखकर लिखी गई है, जो निजी जासूस अथवा इन्वेस्टिगेटर के रूप में कार्य करना चाहते हैं, लेकिन इस क्षेत्र में प्रवेश करने, आवश्यक कौशल विकसित करने और इसकी कार्यप्रणाली को समझने के लिए उचित मार्गदर्शन की तलाश में हैं।
आमतौर पर जासूसी की दुनिया को फिल्मों, धारावाहिकों और रहस्य कथाओं के माध्यम से देखा और समझा जाता है। इसके कारण बहुत से युवाओं के मन में इस व्यवसाय को लेकर उत्सुकता तो होती है, लेकिन वास्तविक जीवन में एक जासूस का कार्य क्या होता है, इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए किन गुणों की आवश्यकता होती है और जांच-पड़ताल के दौरान किन बातों का ध्यान रखना पड़ता है, इन विषयों की व्यावहारिक जानकारी आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाती। ‘हाउ टू बिकम अ डिटेक्टिव’ इसी कमी को दूर करने का प्रयास करती है।
पुस्तक जासूसी को केवल रहस्य सुलझाने की कला के रूप में नहीं, बल्कि एक गंभीर और उत्तरदायित्वपूर्ण व्यवसाय के रूप में प्रस्तुत करती है। एक कुशल इन्वेस्टिगेटर के लिए सूक्ष्म निरीक्षण, तार्किक सोच, धैर्य, सतर्कता, गोपनीयता, प्रमाणों को समझने और परिस्थितियों का सही आकलन करने जैसे गुण महत्त्वपूर्ण होते हैं। पुस्तक में ऐसे अनेक पहलुओं को सरल और क्रमबद्ध ढंग से समझाने का प्रयास किया गया है।
विशेष रूप से ऐसे युवा, जो जासूसी और इन्वेस्टिगेशन को अपने व्यवसाय के रूप में अपनाने पर विचार कर रहे हैं, इस पुस्तक के माध्यम से इस क्षेत्र की प्रकृति और उससे जुड़ी अपेक्षाओं को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं। यह उन्हें अपनी रुचि और क्षमताओं को परखने तथा इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रारंभिक जानकारी उपलब्ध कराती है।
आज के समय में युवा परंपरागत व्यवसायों के साथ-साथ नए और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी संभावनाएं तलाश रहे हैं। ऐसे में निजी जांच और इन्वेस्टिगेशन का क्षेत्र भी उनकी रुचि का विषय बन रहा है। यह पुस्तक उन युवाओं को केवल आकर्षक कल्पनाओं से आगे बढ़कर इस क्षेत्र के व्यावहारिक पक्ष को समझने के लिए प्रेरित करती है।
पुस्तक मूल रूप से हिंदी में लिखी गई है और इसका अंग्रेजी संस्करण भी प्रकाशित किया गया है। इस प्रकार पुस्तक को हिंदी और अंग्रेजी, दोनों भाषाओं के पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
‘How to Become a Detective’ का मुद्रित संस्करण और ई-पुस्तक संस्करण पाठकों के लिए उपलब्ध हैं।
पुस्तक: How to Become a Detective
लेखक: राहुल राय गुप्ता
मुद्रित संस्करण: https://www.amazon.in/dp/8168922204
ई-पुस्तक: https://www.amazon.in/dp/B0HFTDFYPV
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भोपाल (मध्य प्रदेश),14 सितंबर: तेजी से बदलती तकनीक के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई अब केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रह गई है। कस्टमर की पूछताछ, बिक्री के लिए संपर्क, मीटिंग शेड्यूल करना, कस्टमर सपोर्ट और फॉलो-अप जैसे रोजमर्रा के कामों में एआई का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। इसी बदलाव को ध्यान में रखते हुए वर्क असाइन एआई छोटे और तेजी से बढ़ते बिजनेस के लिए एआई आधारित बिक्री और कस्टमर सपोर्ट ऑटोमेशन समाधान उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहा है।
आज किसी भी बिजनेस के लिए केवल नए कस्टमर तक पहुंचना ही पर्याप्त नहीं है। कस्टमर की पूछताछ का समय पर जवाब देना, संभावित कस्टमर से लगातार संपर्क बनाए रखना, मीटिंग तय करना और सही जानकारी उपलब्ध कराना भी उतना ही जरूरी है। छोटे बिजनेस में कर्मचारियों की संख्या अक्सर सीमित होती है। ऐसे में इन सभी कामों को लगातार और व्यवस्थित तरीके से संभालना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
वर्क असाइन एआई का उद्देश्य इसी समस्या का तकनीक के जरिए समाधान करना है। इसके माध्यम से बिजनेस को एआई कॉलिंग एजेंट और व्हाट्सऐप एआई एजेंट जैसे टूल की मदद से कस्टमर बातचीत और संपर्क प्रक्रिया को ऑटोमेट करने की सुविधा मिलती है।
एक ही सिस्टम से कई बिजनेस प्रक्रियाओं को जोड़ने की कोशिश
वर्क असाइन एआई का फोकस केवल एआई कॉलिंग तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य कस्टमर के साथ होने वाली पूरी बातचीत को एक जुड़ी हुई प्रक्रिया में लाना है।
इसमें एआई कॉलिंग एजेंट कस्टमर से बातचीत करने और सामान्य सवालों का जवाब देने में मदद कर सकता है। वहीं व्हाट्सऐप एआई एजेंट व्हाट्सऐप पर कस्टमर से बातचीत, जानकारी साझा करने और फॉलो-अप जैसे कामों में सहायता कर सकता है।
बिजनेस के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा ऑटोमेटेड फॉलो-अप भी है। अगर किसी कस्टमर ने पूछताछ की, लेकिन उसी समय खरीदारी या बुकिंग नहीं की, तो तय प्रक्रिया के अनुसार एआई उसके साथ दोबारा संपर्क करने में मदद कर सकता है। इससे सेल्स टीम के लिए हर संभावित कस्टमर को अलग-अलग याद रखना और लगातार फॉलो-अप करना आसान हो सकता है।
इसी तरह मीटिंग शेड्यूलिंग और ऑटोमेटेड रिमाइंडर उन बिजनेस के लिए उपयोगी हो सकते हैं, जहां कस्टमर को पहले से समय लेना पड़ता है। हेल्थ सर्विस, जिम, सैलून, कंसल्टिंग, शिक्षा, प्रॉपर्टी और अन्य सर्विस आधारित बिजनेस में समय का सही मैनेजमेंट रोजमर्रा की बड़ी जरूरत है।

फोन और व्हाट्सऐप के बीच बेहतर कनेक्शन
आज कस्टमर अपनी सुविधा के अनुसार अलग-अलग माध्यमों से बिजनेस से संपर्क करते हैं। कई लोग पहले फोन पर बात करना पसंद करते हैं, जबकि कई कस्टमर व्हाट्सऐप से बातचीत शुरू करते हैं।
वर्क असाइन एआई में कॉल से व्हाट्सऐप जैसे वर्कफ्लो के जरिए फोन पर हुई बातचीत के बाद कस्टमर को व्हाट्सऐप पर जरूरी जानकारी भेजने की सुविधा विकसित की जा रही है। इसमें प्रोडक्ट की जानकारी, सर्विस का विवरण, कीमत, लोकेशन या अन्य जरूरी बिजनेस जानकारी साझा की जा सकती है।
दूसरी ओर, अगर कोई कस्टमर व्हाट्सऐप पर बातचीत शुरू करता है और उसे आवाज के जरिए बात करने की जरूरत होती है, तो व्हाट्सऐप से एआई कॉलिंग एजेंट जैसे वर्कफ्लो के जरिए उसे एआई कॉलिंग अनुभव से जोड़ा जा सकता है।
इस तरह बिजनेस के लिए अलग-अलग कम्युनिकेशन चैनल को एक साथ मैनेज करना आसान हो सकता है।
ऑर्डर और कस्टमर सपोर्ट में भी एआई की भूमिका
कई बिजनेस में कस्टमर की पूछताछ के साथ-साथ ऑर्डर से जुड़ी बातचीत में भी काफी समय लगता है। कुछ स्थितियों में एआई कस्टमर से जरूरी जानकारी लेने, ऑर्डर से जुड़ी डिटेल इकट्ठा करने और आगे की प्रक्रिया में मदद करने के लिए उपयोगी हो सकता है।
इससे सेल्स और कस्टमर सपोर्ट टीम को बार-बार होने वाली सामान्य बातचीत पर कम समय खर्च करना पड़ सकता है। वे अधिक महत्वपूर्ण कस्टमर संबंधों और जटिल मामलों पर बेहतर तरीके से ध्यान दे सकती हैं।
हालांकि एआई का उद्देश्य हर स्थिति में इंसानी कर्मचारियों की जगह लेना नहीं है। इसका मुख्य उद्देश्य बार-बार होने वाले और नियमित कामों को ऑटोमेट करके बिजनेस की कार्यक्षमता, प्रतिक्रिया समय और कस्टमर बातचीत को बेहतर बनाना है।
पांच वर्षों के अनुभव के साथ विरॉक्स समूह
वर्क असाइन एआई, विरॉक्स सॉफ्टवेयर की तकनीकी पहल है। यह समूह पिछले लगभग पांच वर्षों से अलग-अलग क्षेत्रों में बिजनेस और तकनीक से जुड़े समाधान विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है।
विरॉक्स समूह के अंतर्गत विरॉक्स सॉफ्टवेयर, विरॉक्स वर्कअसाइन टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड और डिग्निटी फूड किचन जैसे उपक्रम शामिल हैं। इन उपक्रमों का काम अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़ा है, जिससे समूह का अनुभव केवल एक इंडस्ट्री तक सीमित नहीं है।
विरॉक्स सॉफ्टवेयर का फोकस सॉफ्टवेयर और तकनीकी समाधानों पर है, जबकि विरॉक्स वर्कअसाइन टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड का मुख्य ध्यान एआई, बिजनेस ऑटोमेशन, बिक्री और कस्टमर सपोर्ट पर है। वहीं डिग्निटी फूड किचन फूड और फूड सर्विस क्षेत्र में काम कर रहा है।
संस्थापक धर्मेंद्र वीर सिलावट की अलग यात्रा
विरॉक्स समूह के संस्थापक धर्मेंद्र वीर सिलावट का प्रोफेशनल सफर भी तकनीकी क्षेत्र के सामान्य करियर से अलग रहा है।
उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शेफ के रूप में की। इसके बाद उन्होंने फाइनेंस और बैंकिंग क्षेत्र में काम किया और बैंक मैनेजर के रूप में भी अनुभव हासिल किया।
बाद में उनकी रुचि तकनीक की ओर बढ़ी और उन्होंने कोडिंग, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और तकनीकी समाधान के क्षेत्र में काम करना शुरू किया। इस तरह उनके प्रोफेशनल अनुभव में हॉस्पिटैलिटी, बैंकिंग, फाइनेंस, कोडिंग, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और उद्यमिता जैसे अलग-अलग क्षेत्र शामिल रहे हैं।
इन अलग-अलग क्षेत्रों को समझने का अनुभव उनके तकनीकी उपक्रमों में भी दिखाई देता है। उनका फोकस ऐसी तकनीक विकसित करने पर है, जो केवल तकनीकी रूप से उन्नत न हो, बल्कि वास्तविक बिजनेस समस्याओं को समझकर उनका समाधान करने में भी मदद करे।
छोटे बिजनेस के लिए एआई का अगला कदम
बिजनेस मालिकों के लिए एआई का सबसे बड़ा फायदा केवल ऑटोमेशन नहीं, बल्कि समय और कस्टमर बातचीत को बेहतर तरीके से मैनेज करना भी हो सकता है।
कस्टमर की पूछताछ से लेकर फॉलो-अप, मीटिंग तय करने से लेकर रिमाइंडर और व्हाट्सऐप से लेकर एआई कॉलिंग तक, अगर अलग-अलग प्रक्रियाओं को एक जुड़े हुए सिस्टम में लाया जाए, तो बिजनेस के रोजमर्रा के काम को अधिक व्यवस्थित किया जा सकता है।
वर्क असाइन एआई इसी दिशा में काम कर रहा है—एआई ऑटोमेशन को केवल बड़ी कंपनियों की सुविधा न मानकर छोटे बिजनेस, नए स्टार्टअप और तेजी से बढ़ते बिजनेस तक पहुंचाने की कोशिश।
आने वाले समय में एआई बिजनेस कम्युनिकेशन और कस्टमर सपोर्ट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकता है। वर्क असाइन एआई का उद्देश्य इसी बदलाव के साथ आगे बढ़ना है, ताकि तकनीक को अधिक आसान और सुलभ बनाया जा सके और बिजनेस मालिकों को अपने रोजमर्रा के काम स्मार्ट तरीके से संभालने के नए विकल्प मिल सकें।
वर्क असाइन एआई
बिक्री और कस्टमर सपोर्ट के लिए एआई वर्कफोर्स
एआई कॉलिंग • व्हाट्सऐप एआई • ऑटोमेटेड फॉलो-अप • मीटिंग बुकिंग • ऑटोमेटेड रिमाइंडर • ऑर्डर सहायता • कस्टमर सपोर्ट • कॉल से व्हाट्सऐप • व्हाट्सऐप से एआई कॉलिंग
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