पारूल विश्वविद्यालय ने वर्बल ड्युएल 2026 राज्य स्तरीय अंतर-विश्वविद्यालय चर्चा का आयोजन किया
Home » पारूल विश्वविद्यालय ने वर्बल ड्युएल 2026 राज्य स्तरीय अंतर-विश्वविद्यालय चर्चा का आयोजन किया

पारूल विश्वविद्यालय ने वर्बल ड्युएल 2026 राज्य स्तरीय अंतर-विश्वविद्यालय चर्चा का आयोजन किया

by Inkhabar webdesk
पारूल विश्वविद्यालय ने वर्बल ड्युएल 2026 राज्य स्तरीय अंतर-विश्वविद्यालय चर्चा का आयोजन किया

वडोदरा (गुजरात) [भारत], 30 सितंबर: पारूल विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर डेवलपमेंट अँड कम्युनिकेशन (सीडैक) द्वारा राज्य स्तरीय आंतर विश्वविद्यालय चर्चा प्रतियोगिता वर्बल ड्युएल 2026 का आयोजन टाईम्स ऑफ इंडिया समूह के साथ संयुक्त रूप से किया गया| इस प्रतियोगिता में माध्यम तथा कॉरपोरेट जगत के विख्यात व्यक्ति सम्मीलित हुए थे| इस प्रतियोगिता ने छात्रों को उनके संवाद और तर्क के हुनर की पड़ताल का अवसर दिया तथा संवाद आधारित दायित्व निभाने का अनुभव होनेवाले इस क्षेत्र के व्यवसायिकों से सीखने का अवसर दिया| इसमें गुजरातभर के विश्वविद्यालय और शैक्षिक संस्थाओं की 46 टीमों ने सहभाग लिया|

इस कार्यक्रम में कई वरिष्ठ नेता और उद्योग के विशेषज्ञ सहभागी हुए थे| बेनेट कोलमान अँड कं., के सिनियर व्हाईस प्रेसिडंट, आरएमओ और मीडिया जगत के दिग्गज श्री राहुल शंकर जज करनेवाले पैनल में सहभागी थे| जब कल्पनाएँ स्पष्ट रूप से और प्रभावशाली ढंग से बतायी जाती है, तो संवाद किस तरह का होता है, इसकी झलक उनकी उपस्थिति में देखने को मिली| किस तरह भुमिका खड़ी करनी चाहिए, कैसे निर्दोष तरीके से बात करनी चाहिए और विरोधी दृष्टिकोण को उत्तर देना चाहिए आदि एकेडमिक तैयारी से आगे ले जानेवाले कौशलों का मूल्यांकन कैसे किया जाता है, इसको ले कर छात्रों का मूल्यांकन उनके मार्गदर्शन में हो सका|

पारूल विश्वविद्यालय ने वर्बल ड्युएल 2026 राज्य स्तरीय अंतर-विश्वविद्यालय चर्चा का आयोजन किया

टाईम्स ऑफ इंडिया के पूर्व सदस्य श्री. अनिमेश भट्ट जैसे अन्य अनुभवी सदस्यों ने उनके टाईम्स समूह और टाटा समूह के लम्बे अनुभव के आधार पर अन्य पहलू सामने रखे| उनके विविधता होनेवाले व्यावसायिक करीअर के द्वारा छात्रों ने समझा कि किस तरह से कम्युनिकेशन, आत्मविश्वास और विभिन्न दृष्टिकोणों के साथ काम करने की क्षमता से कैसे व्यापक व्यावसायिक परिस्थितियों में बेहतर संवाद और कार्य किया जा सकता है| क्लासरूम या प्रतियोगिता के बाहर सार्वजनिक रूप से कैसे सम्भाषण किया जाता है, यह भी उनके मार्गदर्शन से उजागर हुआ|

इस प्रतियोगिता में होनेवाले विषय देखते हुए ऐसे गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति विशेष रही| कृत्रिम बुद्धिमत्ता (ए. आई.) तथा मानवीय विचार प्रक्रिया, कौशल आधारित अध्ययन, सोशल मीडिया और छात्रों का मानसिक स्वास्थ्य, डिजिटल और भौतिक इन्फ्रास्ट्रक्चर, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, पुनर्निर्माण योग्य कृषि और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बनाम कल्याणकारी योजनाएँ जैसे विषयों पर छात्रों ने अपने विचार रखे| दिग्गज निरीक्षक और आलोचकों की उपस्थिति से इन संवादों का मूल्यांकन हो सका तथा वर्तमान के जटिल मुद्दों पर काम करते समय किस तरह स्पष्ट विचार करने की क्षमता तथा अपने मुद्दे का समर्थन करने का हुनर कितना अहम होता है, यह छात्रों ने समझा|

पारूल विश्वविद्यालय ने वर्बल ड्युएल 2026 राज्य स्तरीय अंतर-विश्वविद्यालय चर्चा का आयोजन किया

इस प्रतियोगिता का उद्घाटन पारूल विश्वविद्यालय के प्रो व्हाईस चैंसेलर डॉ. कुंजल सिन्हा ने किया और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से क्रियान्वित जगत में स्वतन्त्र सोच की बढ़ती आवश्यकता अधोरेखित की| उनके वक्तव्य में उन्होने छात्रों को जानकारी पर प्रश्न उपस्थित करने के लिए कहा, सामने आनेवाली परिस्थिति को जाँचने के लिए कहा और खुद का निर्णय करने का महत्त्व बताया| उन्होने कहा कि टेक्नोलॉजी को एक उपयोगी साधन के तौर पर और चर्चा के फॉरमैट के लिए आवश्यक तर्क के प्रयोग जैसी कार्यपद्धती की तर्ज पर देखा जाना चाहिए|

अतिथि प्रतिद्वंद्वियों की बड़ी उपस्थिति के कारण मंच के बाहर भी इस प्रतियोगिता ने अन्य छात्रों को शिक्षा का एक अनुभव दिया| सीमित समय में छात्रों को प्रतिस्पर्धी के मुद्दे को सुनना था, उस पर सोचना था और उसका उत्तर देना था| सक्रिय रूप से सुनना, आलोचनात्मक सोच, स्पष्ट संवाद और अनुभवी वरिष्ठों से मूल्यमापन किए जाने पर उसके द्वारा एडाप्ट करने की क्षमता दर्शाना जैसे कौशलों को वे सादर कर सके और उनमें सुधार भी कर सके|

छात्र और दिग्गज अतिथियों के साथ आने से वर्बल ड्युएल का दायरा और फैला| छात्रों को गुजरातभर की संस्थाओं से आनेवाले उनके मित्रों के साथ प्रतिस्पर्धा करने का मौका मिला और साथ ही इस क्षेत्र में कई वर्षों का कम्युनिकेशन का अनुभव होनेवाले, श्रोताओं का अनुभव होनेवाले और जटिल कल्पनाओं के साथ काम करनेवाले व्यक्तियों के दृष्टिकोण भी वे देख पाए| इस तरह से यह प्रतियोगिता शैक्षिक कार्य और आगे अपने व्यावसायिक और सार्वजनिक जीवन में छात्र जिन कौशलों के साथ आगे बढ़ेंगे, उन्हे जोड़नेवाला एक सेतु बनी|

(The article has been published through a syndicated feed. Except for the headline, the content has been published verbatim. Liability lies with original publisher.)

You may also like