फंडिंग की जरूरत पर बात करते हुए उन्होंने उन कारोबारों का उदाहरण दिया जिनके पास उत्पाद और मांग है, लेकिन मशीनरी, कोल्ड स्टोरेज या उत्पादन बढ़ाने के लिए पूंजी कम पड़ती है। उनके अनुसार ऐसे व्यवसायों के लिए निवेशकों, फंडिंग साझेदारों और संयुक्त उद्यमों के विकल्प तलाशे जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि फंडिंग संबंधी बातचीत के लिए उद्यमी यह स्पष्ट करें कि उन्हें कितनी पूंजी चाहिए और उसके इस्तेमाल से उनका कारोबार क्या हासिल करेगा। दस्तावेज, यथार्थवादी आंकड़े और योजना को लागू करने की तैयारी आवश्यक हैं; प्रत्येक प्रस्ताव का आकलन उसकी व्यवहार्यता और समुचित जांच के आधार पर होगा।

(The article has been published through a syndicated feed. Except for the headline, the content has been published verbatim. Liability lies with original publisher.)