Brain Fog के शिकार तो नहीं हो रहे आप, ये आदतें बना सकती है आपको मानसिक रोगी?
ब्रेन फोग एक ऐसे बीमारी है, जिसमें सोचने में दिक्कत आती, दिमाग भारी महसूस होता है तथा फोकस करना मुश्किल हो जाता है। इसी के साथ आप चीज़े भी भूलने लग जाते हैं और कोई फैसला लेने में समय लगता है। दरअसल यह कोई बीमारी नहीं है, बल्कि मानसिक थकान है।
चलिए जानते हैं किन कारणों से होता है ब्रेन फोग.
स्क्रीन पर ज्यादा समय बिताने से
घंटो भर स्क्रीन पर काम करना, लैपटॉप, फ़ोन या टीवी देखना ब्रेन पर प्रेशर डालता है, जिससे ध्यान भटक जाता है, मानसिक थकावट महसूस होने लगती है और आखें भारी भारी लगती है.
नींद पूरी न होने से
अगर आपकी रोजाना नींद पूरी नहीं होती, तो ये भी ब्रेन फोग का कारण हो सकता है, क्यूंकि नींद पूरी न होने से दिमाग को आराम नहीं मिल पाता जिसकी वजह से ये हमारे काम पर भी प्रभाव डालता है, सोचने और याद रखने की शक्ति को भी प्रभावित करता है.
खान-पान का सही न होना
ज्यादा प्रोसेस्ड फ़ूड, जंक फ़ूड या ज्यादा चीनी खाने से भी दिमाग में सुस्ती बानी रहती है. क्यूंकि इस सब खानो से शरीर को पोषण नहीं मिलता जिसकी वजह से ब्रेन सेल्स भी सही से काम नहीं करते।
शरीर में पानी की कमी
यदि आप पुरे दिन में कम पानी पीते हैं तो इससे भी ब्रेन सेल्स सही से काम नहीं कर पाते और हमारे सोचने, समझने की क्षमता को भी प्रभावित करते हैं.
सारा टाइम स्ट्रेस
यदि आप सारा टाइम टेंशन में रहते हैं, तो ये भी ब्रेन फोग का एक कारण है क्यूंकि इससे मस्तिष्क पर भावनात्मक दबाव पड़ता है जिसके कारन व्यक्ति क्लियर सोच नहीं पाता।
फिजिकल एक्टिविटी न करना
यदि आप कोई फिजिकल एक्टिविटी नहीं करते और दिन भर बैठे रहते हैं तो इससे भी ब्रेन फोग हो सकता है क्यूंकि इससे मस्तिष्क तक ऑक्सीजन नहीं पहुँच पाता, ब्लड फ्लो भी कम पहुँचता है और ब्रेन भी धीरे काम करता है.