सुपा, नवसारी [भारत],19 सितंबर: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिवस के पावन अवसर पर स्वामी विवेकानंद नेत्र मंदिर ट्रस्ट…
बेहतरीन हुनर वाले 50 से ज़्यादा लोगों को अवार्ड्स से सम्मानित किया गया। सूरत (गुजरात) [भारत],14 सितंबर: हुनर, कामयाबी और…
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सूरत फ्यूचर फाउंडेशन और शक्ति ग्रुप कंपनीज की इंडिया पोस्ट (सूरत डिवीज़न) के सहयोगसे पहल; 21 अगस्त तक बॉक्स में…
वडोदरा (गुजरात) [भारत], 21 अगस्त: स्वतंत्रता केवल उस आजादी को याद करने के बारे में नहीं है, जिसके लिए हमने…
सूरत (गुजरात) [भारत], 21 जुलाई: पलसाना के पास गंगाधरा गांव में स्थित श्री शिवशक्ति रामदेव अलखधाम में आषाढ़ी दूज के…
आगामी विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में महत्वपूर्ण नियुक्ति; किसानों और कृषि श्रमिकों के मुद्दों पर संगठन को मजबूत करने पर…
अहमदाबाद (गुजरात) [भारत], 13 जुलाई: भारत के सबसे महत्वाकांक्षी स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स में से एक ढोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन (SIR)…
हैदराबाद (तेलंगाना), फरवरी 09: हैदराबाद के ऐतिहासिक उस्मानिया विश्वविद्यालय परिसर में स्थित अतीत की एक भूली हुई धरोहर — मह लका बाई बावड़ी — आज दशकों की उपेक्षा के बाद पुनर्जीवित होकर फिर से अपने वैभव में खड़ी है। कभी मलबे से भरी और समय की धूल में खोई यह 18वीं सदी की संरचना अब सावधानीपूर्वक संरक्षण और पारिस्थितिक पुनर्जीवन के माध्यम से एक जीवंत विरासत स्थल में बदल चुकी है। इस पुनरुत्थान के केंद्र में हैं हरि चंदना आईएएस, जिनकी प्रशासनिक सोच निरंतर स्थिरता, संस्कृति और सामुदायिक सहभागिता को जोड़ती रही है। यह बावड़ी का पुनर्जीवन कोई एकल उपलब्धि नहीं, बल्कि तेलंगाना भर में विरासत संरक्षण की उस निरंतर परंपरा का हिस्सा है, जिसे उन्होंने नेतृत्व प्रदान किया है।…